तानाशाह अफसर शाही द्वारा भारत देश विनाश की ओर
इस देश में अफसर शाही चल रही है, पहले जनप्रतिनिधि जनता की आवाज उठाने के लिए अफसर पर लगाम लगाते थे किंतु आज के दौर में सरकार अफसर को अपना कार्यकर्ता बनाकर जनता और निचले कर्मचारियों पर ही लगाम लगा रही है, अफसर पर कोई भी दबाव नहीं रह गया है, अफसर अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारियों की बंधुआ मजदूर से भी बत्तर हालत करके उनके ऊपर काम का इतना प्रेशर डाल दिए हैं की एक कर्मचारी एक सैलरी में 20 तरह के काम कर रहा है और अफसर और सरकार का एकमात्र मकसद यही है कि नीचे के कर्मचारियों को किसी अन्य विषय में सोचने का अवसर ही न दिया जाए \nह्यूमन राइट्स की बातें लगभग खत्म ही हो गई है अंग्रेजों के जाने के बाद इस देश पर सिर्फ और सिर्फ अफसर राज कर रहे हैं\nसरकार और अफसर एक दूसरे के पूरक हैं सरकार यह जानती है कि अगर अफसर को धानुका ही और राज करने का अवसर दे दिया जाए तो यह सिर्फ सरकार की सही और गलत दोनों नीतियों का समर्थन करेंगे सिर्फ और सिर्फ सरकार में बैठे लोगों के लिए काम करेंगे ना की जनता या कानून के लिए और इसके उलट अफसर को भी यह पता हो गया है की जिस तरह का अवसर आज के दौर की सरकार में मिला है ऐसा पहले कभी नहीं मिला था यानी धनउगाही करने का कानून को तोड़ मरोड़ कर लोगों की आवाज को दबाने का इस कानून का सहारा लेकर सरकार के विपरीत बोलने वाले लोगों को जेल में डाल देने का आज का प्रशासन जनता या कानून के लिए नहीं बल्कि सरकार में बैठे लोग और स्वयं के लिए काम कर रही है
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Raghvendra srivastava
Baby Cockroach · 50 pts
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