धर्म-जाति मुक्त, 'विकास और इंसानियत जरूरी
समाज में जातिगत द्वेष और नफ़रत फैलाने वाले नेताओं और रसूखदारों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के सीधे सख्त कानूनी कार्रवाई हो
यह राजनीति का सबसे पुराना और घिसा-पिटा फॉर्मूला है: "जब काम के नाम पर दिखाने को कुछ न हो, तो जनता को आपस में लड़ा दो।" वे चाहते हैं कि आप सड़कों, स्कूलों, बिजली और पानी के मुद्दों को भूलकर सिर्फ इस बात पर आपस में लड़ें
हमें अपनी जातियों और धर्मों का हवाला देकर बांटते हैं, ताकि हम कभी उनसे अपने हकों का हिसाब न मांग सकें।
यह राजनीति का सबसे पुराना और घिसा-पिटा फॉर्मूला है: "जब काम के नाम पर दिखाने को कुछ न हो, तो जनता को आपस में लड़ा दो।" वे चाहते हैं कि आप सड़कों, स्कूलों, बिजली और पानी के मुद्दों को भूलकर सिर्फ इस बात पर आपस में लड़ें
हमें अपनी जातियों और धर्मों का हवाला देकर बांटते हैं, ताकि हम कभी उनसे अपने हकों का हिसाब न मांग सकें।
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts
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