महिला सुरक्षा, सम्मान और 'त्वरित न्याय' नीति
हर ब्लॉक/वार्ड में 'पिंक कमांडो' स्पेशल टास्क फ़ोर्स: प्रत्येक ब्लॉक, तहसील और शहरी वार्ड स्तर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की 'पिंक कमांडो' (Pink Commando Force) यूनिट तैनात की जाए। इनके पास आधुनिक वाहन, त्वरित संचार साधन और आत्मरक्षा के पुख्ता उपकरण हों
'10-Minute Emergency Response': राज्य में एक विशेष 'महिला सुरक्षा हेल्पलाइन' (जैसे 112 या विशेष पैनिक बटन ऐप) को पूरी तरह अपग्रेड किया जाए। यदि कोई भी बहन-बेटी संकट के समय इस पर कॉल करती है या पैनिक बटन दबाती है, तो 10 मिनट के भीतर 'पिंक कमांडो' की टीम मौके पर पहुँचेगी। यदि देरी हुई, तो संबंधित बीट अधिकारी को तुरंत सस्पेंड किया जाएगा
अफ़सरों की जवाबदेही (Zero-Tolerance for Laxity): यदि कोई थाना प्रभारी (SHO) महिला उत्पीड़न या सुरक्षा की शिकायत लिखने में आनाकानी करता है या रसूखदारों के दबाव में मामला दबाता है, तो पीड़ित परिवार को परेशान करने के आरोप में उस अफ़सर को 24 घंटे के भीतर बर्खास्त (Dismiss) कर जेल भेजा जाए
फास्ट-ट्रैक कोर्ट और '30-डेज़ डेडलाइन' कानून: महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों (जैसे बलात्कार या यौन उत्पीड़न) के मामलों को दबाने नहीं दिया जाएगा। ऐसे मामलों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं, जहाँ घटना के 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से केस की पूरी सुनवाई खत्म करके अपराधी को फाँसी या उम्रकैद की सज़ा सुनाई जाए। तारीख-पर-तारीख का खेल पूरी तरह खत्म हो
मुफ्त कानूनी और मानसिक सहायता कवच: हर पीड़ित बहन-बेटी को बिना किसी खर्च के राज्य के सबसे बेहतरीन वकीलों की सेवाएं (Free Legal Aid) सरकार की तरफ से मिलें
'10-Minute Emergency Response': राज्य में एक विशेष 'महिला सुरक्षा हेल्पलाइन' (जैसे 112 या विशेष पैनिक बटन ऐप) को पूरी तरह अपग्रेड किया जाए। यदि कोई भी बहन-बेटी संकट के समय इस पर कॉल करती है या पैनिक बटन दबाती है, तो 10 मिनट के भीतर 'पिंक कमांडो' की टीम मौके पर पहुँचेगी। यदि देरी हुई, तो संबंधित बीट अधिकारी को तुरंत सस्पेंड किया जाएगा
अफ़सरों की जवाबदेही (Zero-Tolerance for Laxity): यदि कोई थाना प्रभारी (SHO) महिला उत्पीड़न या सुरक्षा की शिकायत लिखने में आनाकानी करता है या रसूखदारों के दबाव में मामला दबाता है, तो पीड़ित परिवार को परेशान करने के आरोप में उस अफ़सर को 24 घंटे के भीतर बर्खास्त (Dismiss) कर जेल भेजा जाए
फास्ट-ट्रैक कोर्ट और '30-डेज़ डेडलाइन' कानून: महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों (जैसे बलात्कार या यौन उत्पीड़न) के मामलों को दबाने नहीं दिया जाएगा। ऐसे मामलों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं, जहाँ घटना के 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से केस की पूरी सुनवाई खत्म करके अपराधी को फाँसी या उम्रकैद की सज़ा सुनाई जाए। तारीख-पर-तारीख का खेल पूरी तरह खत्म हो
मुफ्त कानूनी और मानसिक सहायता कवच: हर पीड़ित बहन-बेटी को बिना किसी खर्च के राज्य के सबसे बेहतरीन वकीलों की सेवाएं (Free Legal Aid) सरकार की तरफ से मिलें
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2035 pts
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