बंधुआ और पीड़ित मज़दूर परिवारों के लिए 'पूर्ण मुक्ति, कर्ज़ माफ़ी और पुनर्वास' नीति
बंधुआ मज़दूरी उन्मूलन एवं त्वरित मुक्ति' (Instant Liberation & FIR Channel): हर ब्लॉक और ज़िला स्तर पर एक विशेष 'मज़दूर सुरक्षा टास्क फ़ोर्स' (Labour Protection Task Force) बने। यदि कोई भी परिवार कर्ज़ के बदले ज़बरदस्ती या लाचारी में काम कराने की शिकायत करता है, तो 24 घंटे के भीतर उस मज़दूर परिवार को मुक्त कराया जाए, और शोषण करने वाले मालिक/साहूकार पर गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त केस दर्ज हो।
साहूकारी कर्ज़ से 'पूर्ण कानूनी मुक्ति' (Debt Wipeout Policy): अमानवीय शर्तों और अवैध ब्याज पर दिए गए जिस भी कर्ज़ के कारण मज़दूर परिवार बंधुआ बना है, उस पूरे कर्ज़ को तुरंत शून्य (निल) घोषित किया जाए। कोई भी साहूकार या दबंग उस गरीब परिवार से वसूली के लिए उन पर कोई मानसिक या शारीरिक दबाव नहीं बना सकेगा।
तत्काल 'सरकारी पुनर्वास ग्रांट' (Immediate Financial Rehabilitation): मुक्त कराए गए या लाचारी में जी रहे ऐसे हर मज़दूर परिवार को तुरंत मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ₹1,00,000 की सीधी वित्तीय सहायता (100% सरकारी ग्रांट) दे, ताकि वे समाज में सिर उठाकर अपने रहने और खाने का तुरंत इंतज़ाम कर सकें
सुरक्षित रोज़गार और बीपीएल (BPL) कवच': इन परिवारों को बिना किसी कागज़ी अड़चन के तुरंत बीपीएल (BPL) राशन कार्ड, मुफ्त इलाज कार्ड और अंत्योदय योजना के तहत पक्के मकान का आवंटन किया जाए। साथ ही, परिवार के वयस्क सदस्यों को मनरेगा या स्थानीय विकास कार्यों (जैसे सरकारी निर्माण, कृषि सोसाइटियाँ) में 'गारंटेड रोज़गार कार्ड' देकर पक्के काम की व्यवस्था की जाए
उनके बच्चों के लिए 'अटूट मुफ्त शिक्षा कवच': इन शोषित परिवारों के बच्चे शिक्षा से महरूम न रहें, इसके लिए सरकार नियम बनाए कि इनके बच्चों को नज़दीकी निजी या सरकारी स्कूलों में तुरंत दाखिला मिले और कक्षा 12वीं तक उनकी पूरी पढ़ाई, हॉस्टल, किताबें और वर्दी 100% मुफ्त हो (जिसका पूरा खर्च सरकार उठाए)।
साहूकारी कर्ज़ से 'पूर्ण कानूनी मुक्ति' (Debt Wipeout Policy): अमानवीय शर्तों और अवैध ब्याज पर दिए गए जिस भी कर्ज़ के कारण मज़दूर परिवार बंधुआ बना है, उस पूरे कर्ज़ को तुरंत शून्य (निल) घोषित किया जाए। कोई भी साहूकार या दबंग उस गरीब परिवार से वसूली के लिए उन पर कोई मानसिक या शारीरिक दबाव नहीं बना सकेगा।
तत्काल 'सरकारी पुनर्वास ग्रांट' (Immediate Financial Rehabilitation): मुक्त कराए गए या लाचारी में जी रहे ऐसे हर मज़दूर परिवार को तुरंत मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ₹1,00,000 की सीधी वित्तीय सहायता (100% सरकारी ग्रांट) दे, ताकि वे समाज में सिर उठाकर अपने रहने और खाने का तुरंत इंतज़ाम कर सकें
सुरक्षित रोज़गार और बीपीएल (BPL) कवच': इन परिवारों को बिना किसी कागज़ी अड़चन के तुरंत बीपीएल (BPL) राशन कार्ड, मुफ्त इलाज कार्ड और अंत्योदय योजना के तहत पक्के मकान का आवंटन किया जाए। साथ ही, परिवार के वयस्क सदस्यों को मनरेगा या स्थानीय विकास कार्यों (जैसे सरकारी निर्माण, कृषि सोसाइटियाँ) में 'गारंटेड रोज़गार कार्ड' देकर पक्के काम की व्यवस्था की जाए
उनके बच्चों के लिए 'अटूट मुफ्त शिक्षा कवच': इन शोषित परिवारों के बच्चे शिक्षा से महरूम न रहें, इसके लिए सरकार नियम बनाए कि इनके बच्चों को नज़दीकी निजी या सरकारी स्कूलों में तुरंत दाखिला मिले और कक्षा 12वीं तक उनकी पूरी पढ़ाई, हॉस्टल, किताबें और वर्दी 100% मुफ्त हो (जिसका पूरा खर्च सरकार उठाए)।
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts
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