जहाँ समाज के लोग सम्मान से बैठ सकें, ऐसी भव्य और आधुनिक चौपाल हर गाँव और मोहल्ले में बनाना सरकार की कानूनी ज़िम्मेदारी
चौपालों में 'आधुनिक जन-सुविधाएं' (Modern Amenities) अनिवार्य हों: यह चौपालें केवल चार दीवारें नहीं होंगी। इन चौपालों में समाज की सहूलियत के अनुसार 100% मुफ्त बिजली-पानी की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, बड़ा रसोईघर (शादी-ब्याह के लिए) और कम से कम 500 लोगों के बैठने के लिए भव्य हॉल और शेड का निर्माण सरकार को करके देना
स्थानीय समाज के पास हो 'पूर्ण रखरखाव और प्रबंधन' का अधिकार: इन चौपालों पर किसी सरकारी अफ़सर या बिचौलिए का कब्ज़ा नहीं होगा। चौपाल के प्रबंधन, चाबी और रखरखाव का पूरा अधिकार स्थानीय SC, ST, OBC और EWS समाज के मौजिज लोगों की एक कमेटी (Social Committee) को सौंपा जाएगा। इसके रखरखाव का सालाना खर्च सीधे पंचायत या नगर निगम के बजट से आएगा।
'डॉ. आंबेडकर-ज्योतिबा फुले सर्व-वर्ग चौपाल' योजना लागू हो: राज्य के हर गाँव, वार्ड और मोहल्ले में जहाँ SC, ST, OBC और EWS समाज की आबादी है, वहाँ सरकार अपने खर्च पर एक भव्य, पक्की और आधुनिक चौपाल (सामुदायिक भवन) का निर्माण अनिवार्य रूप से करे। इसके लिए बजट का विशेष आवंटन (Special Budgetary Allocation) किया जाए।
चौपालों में 'आधुनिक जन-सुविधाएं' (Modern Amenities) अनिवार्य हों: यह चौपालें केवल चार दीवारें नहीं होंगी। इन चौपालों में समाज की सहूलियत के अनुसार 100% मुफ्त बिजली-पानी की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, बड़ा रसोईघर (शादी-ब्याह के लिए) और कम से कम 500 लोगों के बैठने के लिए भव्य हॉल और शेड का निर्माण सरकार को करके देना
बच्चों के लिए 'डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर': इन चौपालों के भीतर एक हिस्सा हमारे समाज के होनहार बच्चों के लिए पूरी तरह आरक्षित होगा। वहाँ सरकार मुफ्त इंटरनेट (Wi-Fi), कंप्यूटर और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से लैस 'डिजिटल लाइब्रेरी' बनाएगी, ताकि गाँव के गरीब से गरीब बच्चे को भी पढ़ने के लिए बड़े शहरों में कमरा किराए पर न लेना पड़े।
शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए 100% मुफ्त व्यवस्था: इन भवनों में बड़ी रसोई, शेड, आधुनिक शौचालय और बिजली-पानी की पूरी व्यवस्था होगी, ताकि गरीब से गरीब पिता भी अपनी बेटी की शादी बिना किसी भारी खर्च के, पूरे आत्मसम्मान के साथ समाज के बीच कर सके।
स्थानीय समाज के पास हो 'पूर्ण रखरखाव और प्रबंधन' का अधिकार: इन चौपालों पर किसी सरकारी अफ़सर या बिचौलिए का कब्ज़ा नहीं होगा। चौपाल के प्रबंधन, चाबी और रखरखाव का पूरा अधिकार स्थानीय SC, ST, OBC और EWS समाज के मौजिज लोगों की एक कमेटी (Social Committee) को सौंपा जाएगा। इसके रखरखाव का सालाना खर्च सीधे पंचायत या नगर निगम के बजट से आएगा।
'डॉ. आंबेडकर-ज्योतिबा फुले सर्व-वर्ग चौपाल' योजना लागू हो: राज्य के हर गाँव, वार्ड और मोहल्ले में जहाँ SC, ST, OBC और EWS समाज की आबादी है, वहाँ सरकार अपने खर्च पर एक भव्य, पक्की और आधुनिक चौपाल (सामुदायिक भवन) का निर्माण अनिवार्य रूप से करे। इसके लिए बजट का विशेष आवंटन (Special Budgetary Allocation) किया जाए।
चौपालों में 'आधुनिक जन-सुविधाएं' (Modern Amenities) अनिवार्य हों: यह चौपालें केवल चार दीवारें नहीं होंगी। इन चौपालों में समाज की सहूलियत के अनुसार 100% मुफ्त बिजली-पानी की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, बड़ा रसोईघर (शादी-ब्याह के लिए) और कम से कम 500 लोगों के बैठने के लिए भव्य हॉल और शेड का निर्माण सरकार को करके देना
बच्चों के लिए 'डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर': इन चौपालों के भीतर एक हिस्सा हमारे समाज के होनहार बच्चों के लिए पूरी तरह आरक्षित होगा। वहाँ सरकार मुफ्त इंटरनेट (Wi-Fi), कंप्यूटर और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से लैस 'डिजिटल लाइब्रेरी' बनाएगी, ताकि गाँव के गरीब से गरीब बच्चे को भी पढ़ने के लिए बड़े शहरों में कमरा किराए पर न लेना पड़े।
शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए 100% मुफ्त व्यवस्था: इन भवनों में बड़ी रसोई, शेड, आधुनिक शौचालय और बिजली-पानी की पूरी व्यवस्था होगी, ताकि गरीब से गरीब पिता भी अपनी बेटी की शादी बिना किसी भारी खर्च के, पूरे आत्मसम्मान के साथ समाज के बीच कर सके।
78
Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts
Related Issues
Cyber crime lien amount 94 views India’s Electoral Bond Scheme - Aadhar - Education and Health 92 views SPREADING FAKE NEWS IN TAMILNADU 170 views Dictatorship and exploitation by my own people 185 views