RTE के दायरे से बाहर (Age-Barred) हो चुके बच्चों के लिए 'विशेष गारंटेड मुफ्त शिक्षा और लेटरल एंट्री' नीति
आरटीई आउट-ऑफ़-एज सुपरन्यूमरेरी कोटा' (RTE Lateral Entry Scheme) लागू हो: जो बच्चे दस्तावेज़ों की देरी या बेरोज़गारी के कारण आरटीई की शुरुआती उम्र (पहली कक्षा) को पार कर चुके हैं, उनके लिए सरकार विशेष कानून बनाए। उन बच्चों को उनकी वर्तमान उम्र के हिसाब से सीधे उचित कक्षा (जैसे तीसरी, चौथी या पाँचवीं) में 'लेटरल एंट्री' (सीधा मुफ्त दाखिला) दी जाए और कक्षा 12वीं तक उनकी पूरी पढ़ाई प्राइवेट या सरकारी स्कूल में 100% मुफ्त होनी चाहिए।
उम्रदराज बच्चों' के लिए विशेष आरटीई कूपन (RTE Education Voucher): ऐसे बच्चों के लिए सरकार एक विशेष 'एजुकेशन वाउचर' जारी करे। बच्चा जिस भी प्राइवेट या मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिला लेना चाहे, वह सीधे बड़ी क्लास में भी एडमिशन ले सके और उसकी फीस का पूरा पुनर्भुगतान (Reimbursement) सरकार सीधे स्कूल के खाते में करे। उम्र का नियम ऐसे बच्चों के रास्ते की दीवार नहीं बनना चाहिए
विशेष त्वरित ब्रिज कोर्स' (Fast-Track Bridge Schools) शुरू हों: जो बच्चे उम्र ज़्यादा होने के कारण सालों तक स्कूल नहीं जा पाए और सीधे बड़ी कक्षा में बैठ रहे हैं, उन्हें बाकी बच्चों के शैक्षणिक स्तर तक लाने के लिए सरकार हर ब्लॉक में 3 महीने का विशेष त्वरित ब्रिज कोर्स चलाए। यहाँ उन्हें बुनियादी लिखना-पढ़ना मुफ्त सिखाया जाए और फिर सीधे उनकी उम्र के अनुसार स्कूल की क्लास में प्रमोट किया जाए
पाठ्यपुस्तक, यूनिफॉर्म और परिवहन (Transportation) पूरी तरह मुफ्त हो: इन पीड़ित और बेरोज़गार परिवारों के बच्चों को सिर्फ स्कूल में दाखिला ही मुफ्त न मिले, बल्कि उन्हें किताबें, स्कूल ड्रेस, कॉपियाँ और स्कूल आने-जाने के लिए बस/ऑटो का पास भी पूरी तरह से शून्य लागत (मुफ्त) पर मिलना चाहिए, ताकि आर्थिक तंगी के कारण बच्चा बीच में पढ़ाई न छोड़े।
उम्रदराज बच्चों' के लिए विशेष आरटीई कूपन (RTE Education Voucher): ऐसे बच्चों के लिए सरकार एक विशेष 'एजुकेशन वाउचर' जारी करे। बच्चा जिस भी प्राइवेट या मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिला लेना चाहे, वह सीधे बड़ी क्लास में भी एडमिशन ले सके और उसकी फीस का पूरा पुनर्भुगतान (Reimbursement) सरकार सीधे स्कूल के खाते में करे। उम्र का नियम ऐसे बच्चों के रास्ते की दीवार नहीं बनना चाहिए
विशेष त्वरित ब्रिज कोर्स' (Fast-Track Bridge Schools) शुरू हों: जो बच्चे उम्र ज़्यादा होने के कारण सालों तक स्कूल नहीं जा पाए और सीधे बड़ी कक्षा में बैठ रहे हैं, उन्हें बाकी बच्चों के शैक्षणिक स्तर तक लाने के लिए सरकार हर ब्लॉक में 3 महीने का विशेष त्वरित ब्रिज कोर्स चलाए। यहाँ उन्हें बुनियादी लिखना-पढ़ना मुफ्त सिखाया जाए और फिर सीधे उनकी उम्र के अनुसार स्कूल की क्लास में प्रमोट किया जाए
पाठ्यपुस्तक, यूनिफॉर्म और परिवहन (Transportation) पूरी तरह मुफ्त हो: इन पीड़ित और बेरोज़गार परिवारों के बच्चों को सिर्फ स्कूल में दाखिला ही मुफ्त न मिले, बल्कि उन्हें किताबें, स्कूल ड्रेस, कॉपियाँ और स्कूल आने-जाने के लिए बस/ऑटो का पास भी पूरी तरह से शून्य लागत (मुफ्त) पर मिलना चाहिए, ताकि आर्थिक तंगी के कारण बच्चा बीच में पढ़ाई न छोड़े।
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts
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