अंतर-जातीय और अंतर-राज्यीय विवाह करने वाले बेरोज़गार परिवारों के लिए 'समान नागरिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और गारंटेड रोज़गार' नीति
रोज़गार गारंटी कार्ड' (Guaranteed Employment Route) अनिवार्य हो: अंतर-जातीय या अंतर-राज्यीय विवाह करने वाले जो युवा बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं, उन्हें सरकार की तरफ से एक विशेष रोज़गार गारंटी कार्ड जारी किया जाना चाहिए। इस कार्ड के आधार पर उस परिवार के मुखिया (पति या पत्नी) को स्थानीय सरकारी विभागों, नगर निगमों, बिजली दफ्तरों या सरकारी उपक्रमों में योग्यता के अनुसार पक्के रोज़गार या कांट्रैक्ट बेसिस पर अनिवार्य प्राथमिकता (100% Job Allocation) मिलनी ही चाहिए, ताकि परिवार को तुरंत आर्थिक संबल मिले।
विवाहिता के हुनर को रोज़गार: 'महिला कुटीर उद्योग' के लिए ₹1 लाख की सीधी मदद: दूसरे राज्यों से आई इन बहुओं के पास अक्सर हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई या स्थानीय कला का कमाल का हुनर होता है। सरकार इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिना किसी कड़े नियम, सिबिल स्कोर या गारंटी के, खुद का छोटा काम, बुटीक या सिलाई सेंटर शुरू करने के लिए ₹1,00000 (एक लाख रुपए) की सीधी वित्तीय सहायता (100% ग्रांट) और मुफ्त उपकरण मुहैया कराए।
सामाजिक सुरक्षा और 'सद्भावना' पेंशन योजना: जो बेरोज़गार परिवार सामाजिक या पारिवारिक बहिष्कार के कारण तंगी और अकेलेपन में रह रहे हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आर्थिक सहारा देने के लिए, रोज़गार मिलने तक सरकार 3 वर्ष तक ₹5,000 प्रति माह की 'सद्भावना प्रोत्साहन राशि' सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करे, ताकि वे बिना किसी सामाजिक दबाव के सम्मान से जी सकें।
ओर उनके बच्चे आरटीई आउट-ऑफ़-एज सुपरन्यूमरेरी कोटा' (RTE Lateral Entry Scheme) लागू हो: जो बच्चे दस्तावेज़ों की देरी या बेरोज़गारी के कारण आरटीई की शुरुआती उम्र (पहली कक्षा) को पार कर चुके हैं, उनके लिए सरकार विशेष कानून बनाए। उन बच्चों को उनकी वर्तमान उम्र के हिसाब से सीधे उचित कक्षा (जैसे तीसरी, चौथी या पाँचवीं) में 'लेटरल एंट्री' (सीधा मुफ्त दाखिला) दी जाए और कक्षा 12वीं तक उनकी पूरी पढ़ाई प्राइवेट या सरकारी स्कूल में 100% मुफ्त होनी चाहिए।
विवाहिता के हुनर को रोज़गार: 'महिला कुटीर उद्योग' के लिए ₹1 लाख की सीधी मदद: दूसरे राज्यों से आई इन बहुओं के पास अक्सर हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई या स्थानीय कला का कमाल का हुनर होता है। सरकार इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिना किसी कड़े नियम, सिबिल स्कोर या गारंटी के, खुद का छोटा काम, बुटीक या सिलाई सेंटर शुरू करने के लिए ₹1,00000 (एक लाख रुपए) की सीधी वित्तीय सहायता (100% ग्रांट) और मुफ्त उपकरण मुहैया कराए।
सामाजिक सुरक्षा और 'सद्भावना' पेंशन योजना: जो बेरोज़गार परिवार सामाजिक या पारिवारिक बहिष्कार के कारण तंगी और अकेलेपन में रह रहे हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आर्थिक सहारा देने के लिए, रोज़गार मिलने तक सरकार 3 वर्ष तक ₹5,000 प्रति माह की 'सद्भावना प्रोत्साहन राशि' सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करे, ताकि वे बिना किसी सामाजिक दबाव के सम्मान से जी सकें।
ओर उनके बच्चे आरटीई आउट-ऑफ़-एज सुपरन्यूमरेरी कोटा' (RTE Lateral Entry Scheme) लागू हो: जो बच्चे दस्तावेज़ों की देरी या बेरोज़गारी के कारण आरटीई की शुरुआती उम्र (पहली कक्षा) को पार कर चुके हैं, उनके लिए सरकार विशेष कानून बनाए। उन बच्चों को उनकी वर्तमान उम्र के हिसाब से सीधे उचित कक्षा (जैसे तीसरी, चौथी या पाँचवीं) में 'लेटरल एंट्री' (सीधा मुफ्त दाखिला) दी जाए और कक्षा 12वीं तक उनकी पूरी पढ़ाई प्राइवेट या सरकारी स्कूल में 100% मुफ्त होनी चाहिए।
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts
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