ओवर-एज (Over-age) हो रहे युवाओं के लिए 'अनिवार्य प्राथमिकता' कानून
ओवर-एज हो रहे युवाओं को भर्ती में 'अनिवार्य प्राथमिकता' (Legal Priority Route) मिले: सरकार को एक ऐसा सख्त कानून बनाना होगा जिसके तहत किसी भी सरकारी या अर्ध-सरकारी भर्ती में, कुल पदों का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 25%) उन युवाओं के लिए आरक्षित या प्राथमिकता के आधार पर तय हो जो अपनी उम्र सीमा के आखिरी 2-3 सालों में चल रहे हैं। यदि दो उम्मीदवारों के नंबर बराबर आते हैं, तो जिसकी उम्र अधिक है, उसे नौकरी पहले मिलनी चाहिए।
सिस्टम की गलती के बदले 'उम्र सीमा में अतिरिक्त छूट' (Age Relaxation Warranty) मिले: नियम बिल्कुल साफ होना चाहिए—यदि सरकार किसी पद के विज्ञापन निकालने के बाद, उसे 1 साल के भीतर पूरा नहीं कर पाती या वह परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द होती है, तो अगली परीक्षा में जितने साल की देरी हुई है, उतने साल की अतिरिक्त उम्र-छूट (Age Relaxation) हर पीड़ित युवा को बिना किसी शर्त के मिलनी ही चाहिए।
स्किल-आधारित विभागों में सीधा मौका (Direct Experience Route): जो युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते-करते ओवर-एज हो चुके हैं, लेकिन उनके पास कूट-कूट कर योग्यता भरी है, उन्हें विभागीय आवश्यकताओं (जैसे बिजली निगम, कृषि विभाग, डिजिटल मैपिंग या तकनीकी सहायक) के पदों पर बिना किसी प्रारंभिक परीक्षा के, केवल उनके स्किल और पात्रता के आधार पर सीधे कांट्रैक्ट या रोल पर प्राथमिकता देकर नियुक्त किया जाए।
ओवर-एज बेरोज़गारों के लिए 'विशेष पुनर्वास पैकेज' (Rehabilitation Grant) हो: जो युवा उम्र सीमा पार कर चुके हैं और अब सरकारी परीक्षा देने के योग्य ही नहीं बचे, सरकार उन्हें लावारिस नहीं छोड़ सकती। ऐसे युवाओं को अपना खुद का उद्योग, डेयरी फार्म या स्टार्टअप शुरू करने के लिए बिना किसी ज़मीन की गारंटी के ₹10 लाख तक का 'शून्य प्रतिशत ब्याज' (Zero-Interest Loan) लोन 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि वे समाज में सिर उठा कर जी सकें।
सिस्टम की गलती के बदले 'उम्र सीमा में अतिरिक्त छूट' (Age Relaxation Warranty) मिले: नियम बिल्कुल साफ होना चाहिए—यदि सरकार किसी पद के विज्ञापन निकालने के बाद, उसे 1 साल के भीतर पूरा नहीं कर पाती या वह परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द होती है, तो अगली परीक्षा में जितने साल की देरी हुई है, उतने साल की अतिरिक्त उम्र-छूट (Age Relaxation) हर पीड़ित युवा को बिना किसी शर्त के मिलनी ही चाहिए।
स्किल-आधारित विभागों में सीधा मौका (Direct Experience Route): जो युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते-करते ओवर-एज हो चुके हैं, लेकिन उनके पास कूट-कूट कर योग्यता भरी है, उन्हें विभागीय आवश्यकताओं (जैसे बिजली निगम, कृषि विभाग, डिजिटल मैपिंग या तकनीकी सहायक) के पदों पर बिना किसी प्रारंभिक परीक्षा के, केवल उनके स्किल और पात्रता के आधार पर सीधे कांट्रैक्ट या रोल पर प्राथमिकता देकर नियुक्त किया जाए।
ओवर-एज बेरोज़गारों के लिए 'विशेष पुनर्वास पैकेज' (Rehabilitation Grant) हो: जो युवा उम्र सीमा पार कर चुके हैं और अब सरकारी परीक्षा देने के योग्य ही नहीं बचे, सरकार उन्हें लावारिस नहीं छोड़ सकती। ऐसे युवाओं को अपना खुद का उद्योग, डेयरी फार्म या स्टार्टअप शुरू करने के लिए बिना किसी ज़मीन की गारंटी के ₹10 लाख तक का 'शून्य प्रतिशत ब्याज' (Zero-Interest Loan) लोन 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि वे समाज में सिर उठा कर जी सकें।
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts
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