किसानों की मेहनत का सही मूल्य और सुरक्षा जरूरी है
आज हमारे देश का किसान दिन-रात मेहनत करके फसल उगाता है, लेकिन उसकी मेहनत का सही दाम उसे नहीं मिल पाता। कभी मौसम की मार, कभी ओलावृष्टि, कभी सूखा और कभी बाढ़ — किसान हर साल किसी न किसी संकट का सामना करता है।
इतनी मेहनत के बाद भी कई बार फसल का सही मूल्य न मिलने के कारण किसान कर्ज में डूब जाता है। बीज, खाद, डीजल और सिंचाई की बढ़ती लागत भी किसानों पर भारी पड़ रही है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसान अपनी फसल बाजार तक लाता है लेकिन बिचौलियों (middlemen) के कारण उसे पूरा लाभ नहीं मिल पाता। कई बार उसे मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है।
अगर किसान मजबूत नहीं होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत नहीं हो सकती। इसलिए जरूरी है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले, खेती की लागत कम हो और उन्हें सीधा बाजार से जुड़ने का अवसर मिले।
इतनी मेहनत के बाद भी कई बार फसल का सही मूल्य न मिलने के कारण किसान कर्ज में डूब जाता है। बीज, खाद, डीजल और सिंचाई की बढ़ती लागत भी किसानों पर भारी पड़ रही है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसान अपनी फसल बाजार तक लाता है लेकिन बिचौलियों (middlemen) के कारण उसे पूरा लाभ नहीं मिल पाता। कई बार उसे मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है।
अगर किसान मजबूत नहीं होगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत नहीं हो सकती। इसलिए जरूरी है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले, खेती की लागत कम हो और उन्हें सीधा बाजार से जुड़ने का अवसर मिले।
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Umar Zargar
Cockroach Legend · 2520 pts
Discussion (1)
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Md Khair Bakash
11h ago
Kisanon ka Sahi chij ka Sahi kimat nahin milta Hai iske bare mein bhi awaaz uthana chahie sar. Farmer karte hain Kishan Bhai Ho agar koi chij bechne jaaye to uska kimat nahin hai agar kharidne jaaye to uska jyada kimat hai iske bare mein is sochana chahie
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