Psychology and philosophy
देश में मनोविज्ञान और दर्शन की शिक्षा कक्षा 6 वीं से सभी भाषाओं में अनिवार्य की जा जानी चाहिए, क्योंकि देश में बेरोजगारी के कारणों में इस शिक्षा व्यवस्था में इन विषयों का अभाव भी है। मनोविज्ञान आपको खुद से मिलाता है कि आप क्या हैं आपकी ताकत और कमजोरियां क्या हैं आप किस कार्य में बेहतर करेंगे, और दर्शन तर्कपूर्वक प्रश्न पूछने का आधार देती है। पहले ब्रिटिश राज में मैकाले ने लोगों को नियंत्रित करने के लिए इन विषयों को भारत की शिक्षा से हटाया और आज वही सरकारें जानबूझकर इन विषयों को शिक्षा व्यवस्था से दूर बनाए हुए हैं, क्योंकि एक जगे हुए और प्रश्न पूछने वाले व्यक्ति को नियंत्रित करना मुश्किल होता है।
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Dileep Kumar Verma
Cockroach Scout · 265 pts
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