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Bureaucracy 5/10 Submitted Haryana 23 May 2026

टेबल-टू-टेबल" खेल का अंत — "वन-स्टॉप सिंगल विंडो सिस्टम, जनता को चक्करों से मुक्ति"

आज एक आम आदमी या व्यापारी का सबसे ज्यादा समय और हौसला सरकारी दफ्तरों के 'टेबल-टू-टेबल' के खेल में टूटता है। एक छोटे से काम या एनओसी (NOC) के लिए नागरिक को पहले क्लर्क, फिर जूनियर इंजीनियर/पटवारी, फिर सुपरिटेंडेंट और फिर बड़े अधिकारी के कमरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। हर टेबल पर फाइल को हफ्तों रोककर रखा जाता है और आम जनता को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। जनता दफ्तरों के अंदर बाबुओं को ढूंढने और खुश करने में ही अपना समय बर्बाद कर देती है।
​इस थका देने वाली व्यवस्था को जड़ से खत्म किया जाना चाहिए। हमारी सरकार अफ़सरों के कमरों की इस दौड़ को बंद करके 'वन-स्टॉप सिंगल विंडो सिस्टम' को अनिवार्य रूप से लागू करेगी।
​इस नई व्यवस्था के तहत निम्नलिखित कड़े प्रावधान होने चाहिए और हम इन्हें सुनिश्चित करेंगे:
​'एक जगह आवेदन, एक जगह समाधान': आम नागरिक को दफ्तर के अंदर किसी भी बाबू या अफ़सर के कमरे के चक्कर काटने की ज़रूरत बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। नागरिक अपनी शिकायत, आवेदन या दस्तावेज सिर्फ और सिर्फ एक मुख्य काउंटर (सिंगल विंडो या सरल केंद्र) पर जमा कराए और वहीं से उसे उसकी रसीद व तय तारीख मिले।
​फाइल की आंतरिक आवाजाही विभाग की जिम्मेदारी: आवेदन जमा होने के बाद वह फाइल दफ्तर के अंदर किस टेबल पर जाएगी, कौन सा बाबू उसकी जांच करेगा और कौन सा अफ़सर दस्तखत करेगा—यह सिरदर्द पूरी तरह सरकारी विभाग का होना चाहिए, न कि जनता का। अधिकारी खुद फाइल को अंदरूनी तौर पर आगे बढ़ाएंगे।
​डिजिटल फाइल ट्रैकिंग (Live Tracking): जैसे ही नागरिक सिंगल विंडो पर आवेदन करेगा, उसके मोबाइल पर एक ट्रैकिंग लिंक जाना चाहिए। जनता घर बैठे अपने फोन पर देख सके कि उनकी फाइल इस वक्त किस अधिकारी की टेबल पर है और वहां कितने दिनों से रुकी हुई है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
​बिचौलियों और भ्रष्टाचार का अंत: जब आम जनता का सीधा सामना दफ्तर के अंदर बैठे बाबुओं और अफ़सरों से होगा ही नहीं, तो न कोई सिफारिश की ज़रूरत पड़ेगी और न ही रिश्वतखोरी की कोई गुंजाइश बचेगी।
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Sharwan Kumar
Cockroach Legend · 2785 pts

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