Party Launch · Volume 1, Edition 1 Filed under: General Disgruntlement Sponsored by no one. Funded by nothing. HQ: Wherever the wifi works Together We Survive You cannot squash a movement Party Launch · Volume 1, Edition 1 Filed under: General Disgruntlement Sponsored by no one. Funded by nothing. HQ: Wherever the wifi works Together We Survive You cannot squash a movement
Inflation & Prices 5/10 Submitted Uttar Pradesh 11h ago

Import commodity very costly if Doller Rate high or Rupees low

देश में बढ़ती महंगाई और आसमान छूती कीमतों के कारण आम जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। कई विपक्षी दल इसके लिए केंद्र की भाजपा (BJP) सरकार की आर्थिक और जनविरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हैं, जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग का घरेलू बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है।इस मुद्दे पर जनता और विपक्ष की प्रमुख आपत्तियां और आरोप निम्नलिखित हैं:ईंधन के दाम (Fuel Prices): पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) के बढ़ते दाम आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पूरा फायदा आम जनता तक नहीं पहुंचाती और भारी टैक्स वसूलती है।खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation): दाल, सब्जियां, और अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। राजनीतिक दलों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सही आपूर्ति प्रबंधन और कृषि नीतियों के अभाव में यह समस्या और गंभीर हो गई है।जीएसटी और कर प्रणाली (Taxation & GST): आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर लगातार ऊंचे जीएसटी (GST) स्लैब लागू करने से आम जनता की बचत और क्रय शक्ति कम हो रही है।सरकारी नीतियां और बाजार नियंत्रण: सरकार पर आरोप लगाया जाता है कि वह मुक्त बाजार (Open Market) की नीतियों को जरूरत से ज्यादा बढ़ावा दे रही है, जिससे जमाखोरी और मुनाफाखोरी बढ़ती है और आम जनता को नुकसान होता है।जहां एक ओर आम लोग और विपक्षी दल सरकार की विफल नीतियों को महंगाई का मुख्य कारण मानते हैं, वहीं सरकार अक्सर इसके लिए वैश्विक तनाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता और आयात लागत को जिम्मेदार ठहराती है
2
Issue author avatar
shishpal gautam
Cockroach Commander · 630 pts

Discussion (0)

Login to join the discussion
Start the conversation! Be the first to comment.